जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में शुक्रवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सभागार में आपदा पूर्व तैयारी के तहत फर्स्ट रिस्पांडर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जनपद के कुल 80 चालक एवं परिचालकों को फर्स्ट रिस्पांडर विषय पर प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (परिवर्तन) नवीन सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपदाओं के दौरान फर्स्ट रिस्पांडर की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गोल्डन ऑवर के महत्व, सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा (हिट एंड रन) तथा मोटरयान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना 2022 के तहत मिलने वाले मुआवजे—दुर्घटना में मृत्यु पर ₹2 लाख और गंभीर घायल होने की स्थिति में ₹50,000—की जानकारी साझा की। साथ ही ‘नेक राहवीर (Good Samaritan)’ के रूप में जीवन बचाने और यातायात नियमों के पालन की शपथ भी दिलाई गई।
इसके पश्चात जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी ने जिले में संभावित आपदाओं और उनकी संवेदनशीलता के बारे में बताया। उन्होंने फर्स्ट रिस्पांडरों को कंट्रोल रूम के महत्वपूर्ण नंबर—05944-250250, 250719, 250500 तथा टोल फ्री नंबर 1077—से अवगत कराया और आपदा के दौरान क्या करें और क्या न करें, इस पर उपयोगी जानकारी दी। साथ ही ‘भूदेव ऐप’ डाउनलोड करने और उसके उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया।
राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने चालकों व परिचालकों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर, रक्तस्राव रोकने के तरीके, मिर्गी के दौरान बचाव उपाय और आपात उपकरणों के संचालन का अभ्यास कराया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मोहित कोठारी, प्रवर्तन अधिकारी नवीन सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी, एसडीआरएफ प्रभारी मनोज रावत (SI), सुरेश बहुगुणा, भूपेंद्र कन्याल, नीरज पंत तथा परिवहन विभाग के गोकुल सुपियाल (TSI), महेंद्र सिंह (ASI) और गणेश सिंह (ASI) उपस्थित रहे।
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