नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति: नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, Prahlad Joshi

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नयी दिल्ली । केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि तेजी से बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र आने वाले वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा। जोशी ने यहां बीएनईएफ (ब्लूमबर्ग न्यू एनर्जी फाइनेंस) शिखर सम्मेलन में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार के उपायों की जानकारी दी। मंत्री ने कहा, ‘‘इतनी तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र निश्चित रूप से भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा। भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में एक प्रतिस्पर्धी उद्योग संरचना बनाई है।’’ 
उन्होंने कहा कि भारत में सौर ऊर्जा की लागत दुनिया में सबसे कम है। इसका कारण यह है कि हमें अच्छी संख्या में धूप वाले दिन मिलते हैं। जोशी ने कहा कि देश में स्वच्छ ईंधन से सभी बढ़ती मांग को पूरा कर बिजली क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में कमी लायी जा सकती है। पर इसके लिए बड़े पैमाने पर ग्रिड भंडारण जरूरी है। अतिरिक्त बिजली का भंडारण करने के लिए पंप भंडारण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की नीति की योजना बनाई जा रही है। साथ ही देश के ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण की सुविधा प्रदान करने और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। 
उन्होंने कहा, ‘‘हमने 24,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल के लिए पीएलआई योजना भी लागू की है।’’ योजना के तहत उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल की 48,337 मेगावाट पूर्ण और आंशिक रूप से एकीकृत विनिर्माण क्षमता स्थापित करने के लिए आवंटन पत्र जारी किये गये हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि हम वास्तव में हरित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अपने लक्ष्य में हमें सभी संबंधित पक्षों के समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योग जगत से इस क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और लाभप्रद बनाने के संबंध में किसी भी स्थिति के लिए सरकार से संपर्क करने का आग्रह किया। 
जोशी ने कहा कि भारत की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 10 साल में 165 प्रतिशत बढ़कर 203 गीगावाट से अधिक हो गई है। इस दौरान देश में कुल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 86 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 360 अरब यूनिट पर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई हमने न केवल सस्ती दरों पर बिजली पैदा की है, बल्कि ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए शुल्क दर में 76 प्रतिशत की कमी भी आई है। यह 2010-11 में 10.95 रुपये प्रति यूनिट थी जो 2023-24 के दौरान 2.60 रुपये तक आ गयी।’’ 
मंत्री ने कहा, ‘‘जब से मैं इस मंत्रालय का नेतृत्व कर रहा हूं, तब से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इकाइयां लगाई गई हैं।’’ उन्होंने कहा कि कुल 3.28 लाख संयंत्रों में से 75 प्रतिशत से अधिक पिछले तीन महीनों के दौरान लगाये गये हैं। जोशी ने कहा कि इस दौरान, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण के दूसरे दूसरे चरण में 11 कंपनियों को परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। इसके तहत, कुल 1,500 मेगावाट की क्षमता प्रदान की गई है।

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